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Dohanomics

 

मेरा जन्म वाराणसी में हुआ है और मैंने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है. पिछले १७ वर्षों से मैं म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में हूँ. अपने १७ वर्षों के फिनान्शिअल कार्यकाल के दौरान मैंने तक़रीबन २००० से ज्यादा स्वतंत्र निवेश सलाहकारों (IFAs), बैंक कर्मियों एवं राष्ट्रीय स्तर के सलाहकारों के साथ काम किया है.  वर्त्तमान में मैं सलाहकारों को प्रशिक्षित करने की संस्था ‘इनसाइट्स’ का सह संस्थापक हूँ.मेरा उद्देश्य ५ लाख निवेशकों को सलाहकारों के माध्यम से वित्तीय साक्षर बनाना है.

 

Why Dohanomics

एक अवधारणा के रूप में म्युचुअल फंड विदेशी देशों से आया था और इसलिए उनके बारे में ज्ञान और सलाह के शब्द बहुत वैश्विक हैं । बाज़ार में चारों तरफ चल रहे सभी उदाहरण विदेशियों द्वारा दिए हुए हैं जिनको न निवेशको और न ही सलाहकारों ने पहचाना है ! नतीजतन २५  साल बाद भी  म्यूचुअल फंड एक विदेशी उत्पाद बना हुआ हैं। लोग इसे उच्च आय  वर्ग के निवेशकों के लिए उपयुक्त उत्पाद के रूप में देखते हैं।

                                   मुझे ऐसा महसूस हुआ कि मुझे इसे भारतीय अवतार देना चाहिए । लोगों को इसके महत्व को समझाना चाहिए और इसके लिए स्थानीय साधन को संचार का माध्यम बनाया जाना चाहिए जिससे ये आम आदमी तक पहुच सके। एक ऐसे देश में जहां महान संतों और दार्शनिकों की बहुतायत रही है इनमे से मेरे लिए दो संतों को चुनना मुश्किल नहीं था । जिनका सभी जातियों,धर्मों और राजनैतिक विचारकों में अच्छा सम्मान हो। ये दो बुद्धिमान व्यक्ति कबीर दास जी और रहीम जी थे।

                                                

How many dohas you read

 परिप्रेक्ष्य में अपने विचार डालने के लिए मैंने कबीर दास जी और रहिम जी के लगभग  ३५००  दोहे पढ़े और इनमे मुझे लगभग ७० दोहे ऐसे मिले जो कि निवेश समुदाय के लिए बहुत ही प्रासंगिक हैं । इस पुस्तक में ऐसे ४० दोहों का चुनाव किया गया है जो मैंने सोचा कि ये आज के परिदृश्य में निवेशको के लिए सबसे उपयोगी होंगे !

 

What does the book cover

  • फ़ाइनेन्शिअल प्लानिंग
  • गोल बेस्ड इन्वेस्टिंग
  • सही सलाहकार का चुनाव
  • सलाहकार की जिम्मेदारियां
  • सलाहकार का महत्व
  • निवेश का आनंद

 

 

3 replies on “Dohanomics”

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